नई दिल्ली, मई 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को झारखंड की एक महिला जज को बच्चे की देखरेख के लिए अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) नहीं दिए जाने पर राज्य सरकार और रांची हाईकोर्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। महिला जज ने अवकाश की मांग करते हुए कहा कि वह न सिर्फ एकल अभिभावक (सिंगल मदर) हैं बल्कि समाज के सबसे निचले तबके से आती हैं। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता से पूछा कि उन्होंने अवकाश के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया? इसके जवाब में अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि हाईकोर्ट ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इस मामले में तत्कालिकता को नहीं मानते। अधिवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता का कॅरियर शानदार है और उन्होंने महज ढाई साल में 4660 मामलों का निपटारा किया ...
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