फरीदाबाद, फरवरी 13 -- फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में अंतरराष्ट्रीय मेले में आई भोपाल की नीता दीप बाजपेई महिला स्वावलंबन और गौशालाओं को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। वह गाय के गोबर से बने विभिन्न उत्पादों को लेकर पहुंची हैं। इसके अलावा वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित 1008 गुणों से भी पर्यटकमों को अवगत करा रही हैं। नीता दीप गौ संरक्षण के लिए नौ वर्षों से काम कर रही हैं। नीता दीप बाजपेई ने बताया कि पशु पालकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती गोबर निस्तारण होता है। केमिकल युक्त खाद के आने के बाद अब गोबर की खाद का प्रयोग बहुत ही कम हो गया है। ऐसे में पशुपालक गोबार को नालियों में बहाते हैं। इससे निस्तारण प्रक्रिया बाधित होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नौ वर्ष पूर्व गौ संवर्धन और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम श...
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