रायपुर, फरवरी 13 -- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा है कि व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग सहित निजी इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन को वैवाहिक विवादों में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की अध्यक्षता वाली हाई कोर्ट की पीठ द्वारा एक जटिल वैवाहिक विवाद मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, वैवाहिक विवादों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की स्वीकार्यता के प्रश्न पर जस्टिस राजपूत ने कहा कि निजता का अधिकार पूर्ण नहीं है। इसे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण है क्योंकि यह डिजिटल युग में पारिवारिक मुकदमों के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। साथ ही, निजता के अधिकार और न्याय के अधिकार के बीच संतुलन की न्यायिक व्याख्या भी सामने आई है। रायपुर नि...