नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- कानून सिर्फ अपराधियों को दंड देने के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी बनाए जाते हैं। कानून में तो यह भी प्रावधान है कि जब तक किसी का अपराध साबित न हो जाए, तब तक उसे बेगुनाह माना जाए और उस व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा की जाए। पिछले महीने दिल्ली में एक एएसआई वीरेंद्र कुमार के खिलाफ इसलिए विरोध प्रर्दशन हुआ था, क्योंकि उन पर उत्तर-पूर्व की एक महिला की दुकान पर रेड डालते समय दुर्व्यवहार करने और उसे गलत तरीके से छूने का आरोप लगा था। आला अधिकारियों द्वारा एएसआई के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।क्या कहता है कानून? क्रिमिनल प्रोसीजर कोड यानी आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के अनुसार, किसी महिला या बच्चे (15 वर्ष से छोटे) को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन नहीं बु...
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