नई दिल्ली, दिसम्बर 28 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के एक मामले में मंजीत खरब को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों से साबित करने में असफल रहा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल पाहुजा की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की गवाही में कई गंभीर विरोधाभास और अस्पष्टताएं हैं, जिनके आधार पर दोषसिद्धि संभव नहीं है। वर्ष 2020 में शिकायत के आधार पर मामले में पश्चिम विहार वेस्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि मार्च 2019 में फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती मंजीत से हुई। मई 2019 में मंजीत उसे पीरागढ़ी से कार में बैठाकर मुखर्जी नगर स्थित एक फ्लैट पर ले गया, जहां पहली बार उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इसके बाद श...