नई दिल्ली, नवम्बर 23 -- बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई में राज्य सरकार का गठन हो चुका है। फिर भी, विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली जीत के विश्लेषण लगातार जारी हैं। यह सही है कि राज्य चुनाव में मतदाता स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखकर ही अपने प्रतिनिधि का चयन करते हैं, लेकिन हाल के समय के कई राज्य चुनावों में स्थानीय नागरिकों में एक प्रवृत्ति नजर आई है। अमूमन हो यह रहा है कि जो दल लोगों को लुभाने में कामयाब हो जाता है, उसे ही जीत नसीब हो रही है। इसका अर्थ है कि जो दल जितनी रेवड़ी मतदाताओं को दे रहा है, उसके जीतने की संभावना उतनी अधिक हो जाती है। बिहार चुनाव इसका अपवाद नहीं रहा। यहां के सत्तारूढ़ गठबंधन ने चुनाव से ऐन पहले महिलाओं को दस-दस हजार रुपये उपलब्ध करवाए। यह राशि राज्य की 1.21 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में सीधे जमा कराई गई। दिल...