वरिष्ठ संवाददाता, मार्च 1 -- महाकुंभ 2025 तमाम लोगों को बहुत कुछ दे गया। यहां आने वाले ऐसे लोगों की भी झोली भरी जो 20 और 25 रुपये के लिए भी काम करते हैं। इन्हीं में शामिल है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। महाकुंभ के सेक्टर नंबर 10 में सरस हाट बनाया गया था। जहां पर 60 से अधिक दुकानों का आवंटन किया गया। इसके अलावा अलग-अलग सेक्टरों में 10 से 15 दुकानों का आवंटन हुआ। उन्नाव के एक समूह को कैंटीन खोलने के लिए मेला क्षेत्र में जगह दी गई थी। एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक शरद कुमार सिंह का कहना है कि समूह ने शुरुआती नौ दिन में 15 लाख रुपये की आय अर्जित कर ली थी। वहीं मेला क्षेत्र के बाहर लगी एक कैंटीन में 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। होलागढ़ के ज्योति समूह ने अचार और मुरब्बा बेचकर मेले के दौरान 20 लाख रुपय...
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