रांची, फरवरी 11 -- रांची, विशेष संवाददाता। महिला सुपरवाइजरों की नियुक्ति में शत-प्रतिशत सीटें महिलाओं को आरक्षित करने के मामले पर हाईकोर्ट की खंडपीठ में 18 मार्च को सुनवाई होगी। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अधिवक्ता एके मेहता को न्याय मित्र नियुक्त किया। पहले इस मामले की हाईकोर्ट की एकल पीठ में सुनवाई हुई थी। एकल पीठ ने यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए मामला खंडपीठ को भेज दिया था कि क्या किसी पद को शत-प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा सकता है। इसके बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। एकल पीठ के समक्ष महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दलील दी थी कि महिला सुपरवाइजर का पद केवल महिला कैडर के लिए ही निकाला गया है, क्योंकि इस पद का कार्यक्षेत्र गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की माताओं और अन्य महिला स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.