ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली, फरवरी 12 -- महाशिवरात्रि पर संपूर्ण दिन एवं रात चंद्रमा शनि की पहली राशि मकर में, मंगल शनि की राशि मकर में, बुध शनि की दूसरी राशि कुंभ में, देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्चाभिलाषी स्थिति मिथुन राशि में, शुक्र शनि की दूसरी राशि कुंभ में तथा शनि देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में गोचर करेंगे। केतु सिंह राशि में तथा राहु कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस प्रकार मकर राशि में त्रि ग्रहीय योग का निर्माण होगा तथा महालक्ष्मी योग का निर्माण होगा। एक तरफ बुध और शुक्र के कुंभ राशि में होने से लक्ष्मी नारायण योग का भी निर्माण होगा। सूर्य और बुध का साथ होने से बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। शुक्र और सूर्य के साथ होने से शुक्रादित्य योग का निर्माण हो रहा है। मंगल के उच्च राशि मकर में होने से रुचक नामक योग का निर्...