कटिहार, फरवरी 21 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि आगामी 26 फरवरी को होने वाले महाशिवरात्रि पर इस बार ग्रहों के दुर्लभ योग बन रहे हैं। शिव पुराण के मुताबिक ब्रह्मा और विष्णु का विवाद शांत करवाने के लिए भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिस दिन यह घटना हुई थी उस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी। इसी वजह से महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस पर्व पर शिव मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है। ऐसा मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन की गई शिव की उपासना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि महाशिवरात्रि पर यदि भक्त बेलपत्र से भगवान शिव की विशेष पूजा करें तो उनके धन संबंधी दिक्कतें दूर हो जाएगी। आचार्य के अनुसार फाल्ग...
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