गोरखपुर, फरवरी 15 -- गोरखपुर, निज संवाददाता फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि पर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर व्यतिपात, वरियान व अमृत नामक महा औदायिक योग के अलावा निशीथ काल भी बन रहा है। अर्धरात्रि में चतुर्दशी होने के कारण इसी दिन महाशिवरात्रि व्रत रखा जाना शास्त्रसम्मत और फलदायी माना गया है। पं. शरद चंद मिश्र के अनुसार, इस दिन सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर होगा। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी सायं 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होकर रात्रि भर रहेगी। उत्तराषाढ़ नक्षत्र सायं 7 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। व्यतिपात योग दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात वरियान योग लगेगा। साथ ही अमृत सिद्धि योग पूरे दिन-रात...