कुशीनगर, फरवरी 25 -- कुशीनगर। निज संवाददाता महाशिवरात्रि बुधवार को मनाई जायेगी। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर अत्यन्त ही शुभप्रद व सर्वोत्तम योग है। सूर्योदय त्रयोदशी तिथि में तथा रात में चतुर्दशी तिथि होने से महायोग बन रहा है। चतुर्दशी व्रत धारण करने से जन्म-जन्मातर के पापों का हरण होता है। महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष फाल्गुन कृष्ण महाशिवरात्रि त्रयोदशी तिथि बुधवार को प्रातः 9.17 बजे तक है। ऐसे में सूर्योदय त्रयोदशी तिथि में होगी। बुधवार को श्रवण नक्षत्र 04.10 बजे तक है। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। इस लिए महाशिवरात्रि अत्यन्त शुभकारी है। ईशान संहिता के अनुसार समस्त ज्योतिर्लिंगों का प्रादूर्भाव फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को अर्धरात्रि के समय हुआ था। अतः इस पुनीत पर्व को महाशिवरात्...
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