नई दिल्ली, दिसम्बर 13 -- महज दो दिन बाद हम 54वां विजय दिवस मनाएंगे। बताने की जरूरत नहीं कि 16 दिसंबर को ढाका में हजारों पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष हथियार डाल दिए थे। इसी दिन बांग्लादेश का उदय हुआ और पाकिस्तान का सदा-सर्वदा के लिए विखंडन। यह सिर्फ दुनिया के नक्शे पर एक नए देश का उदय भर नहीं था, बल्कि जिन्ना के द्वि-राष्ट्रवाद की भी धज्जियां सिर्फ 24 वर्षों के अदना अंतराल में उड़ गई थीं। इसी के साथ तय हो गया था कि धर्म किसी देश के विभाजन का आधार तो बन सकता है, परंतु उसके स्थायित्व की गारंटी नहीं! इस महान सैन्य उपलब्धि के लिए आप किसे याद करना चाहेंगे? जनरल सैम मानेकशॉ, लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा, लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब या तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को? उस समय देश के रक्षा मंत्री कौन थे? भारतीय थल सेना का वह...
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