मिर्जापुर, अक्टूबर 20 -- मिर्जापुर। दीपों का पावन पर्व दीवाली पूरे जनपद में उत्साह के साथ मनाई गई। बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधकार पर प्रकाश यानि अज्ञान पर ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक त्योहार कार्तिक मास कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि को मनाने की भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का अटूट हिस्सा है। घर के कोने-कोने से लेकर खेत खलीहान और मंदिरों में अमावास के घने अंधेरे के बीच दीपों जलाकर जीवन को प्रकाश के भर देने की ईश्वर से प्रार्थना की गई। अमावस्या दोपहर बाद 3:44 बजे से प्रारंभ होकर जो मंगलवार को शाम 5:55 बजे तक रहेगा। अमावस्या (सोमवार) शाम को प्रदोषकाल में महालक्ष्मी का पूजन किया गया। झिलमिल करतीं दीपों की शृंखलाओं धरती से लेकर अंबर तक जगमा उठा। मकानों की अट्टालिकों से लेकर गांव की झोपड़ी में भी जलते दीप, सतरंगी विद्युत झालरों की रोशनी जुगुनू की तरह ...
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