लखीसराय, अक्टूबर 27 -- दिग्विजय कुमार, बड़हिया। लोक आस्था का महापर्व छठ सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह जड़ों से जुड़ने और अपनी मिट्टी से नाता बनाए रखने का भावनात्मक पर्व है। इसके उपयुक्त उदाहरण हैं, बड़हिया के वे प्रवासी परिवार, जो हजारों मील दूर विदेशों में रहकर भी इस परंपरा को पूरे श्रद्धा और निष्ठा से निभा रहे हैं। बड़हिया के मूल निवासी डॉ राकेश सिंह, जो बीते कई दशकों से लंदन के बर्मिंघम स्थित बर्टन सिटी में अपने परिवार संग रह रहे हैं। हर वर्ष ही अपनी पत्नी डॉ लिली सिंह के साथ छठ पर्व को देशी रीति-रिवाज के अनुसार मनाते हैं। विदेशी धरती पर रहते हुए भी दोनों पति-पत्नी न सिर्फ विधि-विधान का पालन करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति की इस अद्भुत परंपरा से जोड़ने का प्रयास करते हैं। वहीं बड़हिया के ही निवासी और चर्चित...
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