मुजफ्फरपुर, फरवरी 12 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। घिरनी पोखर स्थित आर्य समाज मंदिर में गुरुवार को महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक यज्ञ से किया गया। राष्ट्र की समृद्धि व विश्वकल्याण के लिए आहुतियां दी गई। उसके बाद आर्य समाज के प्रधान विमल किशोर उप्पल की अध्यक्षता में सभा हुई। मुख्य वक्ता प्रो. व्यास नंदन शास्त्री वैदिक ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद 19वीं सदी के महान समाज सुधारक व युग प्रवर्तक महापुरुष थे। स्वामी दयानंद ने मानव मात्र को वेद पढ़ने-पढाने और सुनने-सुनाने का अधिकार दिया। उन्होंने वेदों की ओर लौटो का संदेश देते हुए अन्धविश्वास व पाखंड मुक्त समाज निर्माण के लिए 1875 में मुंबई में आर्य समाज की स्थापना की। महर्षि दयान...