आरा, फरवरी 5 -- उदवंतनगर, एक संवाददाता। महान गणितज्ञ स्व. डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह को जीवन का पहला पाठ पढ़ाने वाले उनके शिक्षा गुरु शिवनाथ सिंह नहीं रहे। 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने पटना के राजेंद्र नगर स्थित शिव दर्शन कुटीर में अंतिम सांस ली। उनके निधन से शिक्षा जगत में शोक है। गुरु और शिष्य के उस पवित्र रिश्ते का एक स्तंभ भी खामोश हो गया। यह वही शिवनाथ सिंह हैं, जिन्हें लोग प्यार से 'गुरु जी' कहकर बुलाते थे। भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड के सरथुआ गांव में जन्मे शिवनाथ सिंह ने अपना पूरा जीवन शिक्षा को समर्पित कर दिया। आरा सदर प्रखंड के बसंतपुर गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में उन्होंने वर्षों तक शिक्षक के रूप में सेवा दी। यही वह स्कूल है, जहां से दुनिया के महान गणितज्ञ डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह की शिक्षा यात्रा शुरू हुई थी। कहा जाता है कि बचपन मे...