रामपुर, नवम्बर 6 -- रामपुर से फरार एक्सरे टेक्नीशियन अर्पित सिंह की फर्जी नियुक्ति प्रकरण में जांच अभी महानिदेशालय स्तर से अटकी हुई चल रही है। इस प्रकरण को शुरू हुए दो माह से अधिक का समय बीत चुका है मगर न तो अभी उसकी गिरफ्तारी हो पाई है और न ही विभाग के स्तर से उसके वेतन रिकवरी से जुड़ी कार्रवाई शुरू हो पाई है। अर्पित सिंह ने रामपुर में नौ साल तक नौकरी कर करीब 55 लाख रुपये का वेतन पाया है। स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2016 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती कराई गई थी। इसमें अर्पित सिंह नाम के एक अभ्यर्थी का चयन हुआ था, जिसकी मूल तैनाती हाथरस जिले के सीएचसी मुरसान में है। बीते दिनों खुलासा हुआ था कि अर्पित सिंह के नाम व पते पर प्रदेश में पांच अन्य स्थानों पर अन्य युवक एक्सरे टेक्नीशियन की नौकरी कर रहे हैं। इनमें एक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.