नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- नई दिल्ली। जस्टिस गोपाल गौड़ा ने कहा कि महानदी जल विवाद सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विवाद को न्यायिक प्रक्रिया के बजाय मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। यह विवाद मार्च 2018 में केंद्र सरकार द्वारा गठित ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज गौड़ा ने कावेरी नदी जल विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया वर्षों या दशकों तक चल सकती है, जबकि मध्यस्थता तेज एवं सभी पक्षों के लिए लाभकारी समाधान प्रदान कर सकती है। वह राजधानी दिल्ली में आयोजित 'महानदी संसद' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वरिष्ठ वकील, विधायक, विचारक, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। राज्यसभा सदस्य एनडी गुप्ता ने कहा कि मह...
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