नई दिल्ली, मार्च 10 -- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी अपनी नई रिपोर्ट में दावा किया है कि महाकुम्भ के दौरान गंगा और यमुना के पानी की गुणवत्ता स्नान के लिए उपयुक्त थी। बोर्ड ने सांख्यिकीय विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया है। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार सांख्यिकीय विश्लेषण इसलिए आवश्यक था, क्योंकि एक ही स्थान से अलग-अलग तिथियों और एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों से एकत्र किए गए नमूनों की जांच में भिन्नता पाई गई। इस कारण ये नदी क्षेत्र में समग्र जल की गुणवत्ता को स्पष्ट नहीं करते थे। सांख्यिकीय विश्लेषण से बड़ी मात्रा में डाटा एकत्र करके समग्र गुणवत्ता का आकलन किया गया। बोर्ड की 28 फरवरी की रिपोर्ट सात मार्च को एनजीटी की वेबसाइट पर अपलोड की गई। बोर्ड ने 12 जनवरी से लेकर अब तक प्रति सप्ताह द...
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