प्रयागराज, फरवरी 14 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महाकुम्भ 2025 में मौनी अमावस्या पर विभिन्न स्थानों पर हुई भगदड़ की घटना को लेकर सरकार की न्यायिक जांच को विधि विरुद्ध बताते हुए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए 19 फरवरी की तारीख लगाई है। साथ ही याची के अधिवक्ता को घटना से सम्बंधित तथ्य प्रस्तुत करने को कहा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है। सुरेश चंद्र पांडेय की जनहित याचिका में हाईकोर्ट की निगरानी वाली उच्चस्तरीय कमेटी से घटने की जांच का निर्देश दिए जाने की मांग की गई है। याचिका में भगदड़ में कई लोगों की मौत और घायल होने के मामले में न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग की गई है। अधिवक्ता अरुण मिश्र का कहना था कि सरकार द्वारा गठित जांच आयोग के जांच क...
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