संवाददाता, फरवरी 8 -- महाकुंभ में संगम की रेती से अखाड़ों के साथ अब कल्पवासियों के भी विदा होने का समय आ गया है। पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ कल्पवास, 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा पर समाप्त हो जाएगा। कुछ कल्पवासी पूर्णिमा को प्रस्थान करेंगे तो कुछ पूर्णिमा के तीसरे दिन त्रिजटा स्नान करके विदा लेंगे। उससे पूर्व मेला के विभिन्न सेक्टरों में कल्पवासी शिविर शय्या दान से गुलजार हैं। रविवार को द्वादशी तिथि पर ज्यादा संख्या में कल्पवासी शय्यादान करेंगे। तीर्थपुरोहित के जिस शिविर में कोई कल्पवासी शय्यादान करता है तो उसके मुख्य द्वार को बहुरंगी गुब्बारों व फूलों से सजाया जा रहा है। शय्यादान करने वाले कल्पवासियों के परिवार, रिश्तेदार व दोस्त व तीर्थपुरोहितों के परिजन भी मौजूद रहते हैं। शुक्रवार को सेक्टर-19 स्थित मां सरस्वती सेवा समिति के शिविर में हेता पट...
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