बदायूं, फरवरी 17 -- बिल्सी। क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित आर्य यज्ञ मंदिर में रविवार को ऋषि बोधोत्सव पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। आचार्य संजीव रूप ने कहा कि शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद को चूहों द्वारा खाते देख मूलशंकर के मन में प्रश्न उठा और यहीं से उन्हें सच्चे ईश्वर की खोज का बोध हुआ। आगे चलकर उन्होंने आर्य समाज की स्थापना कर समाज में फैली कुरीतियों-बाल विवाह, जातिवाद, छुआछूत, मूर्ति पूजा और अवतारवाद के खिलाफ आंदोलन चलाया। इस मौके पर कौशकी रानी, संतोष कुमारी, राकेश आर्य, बद्री प्रसाद आर्य, सुखवीर सिंह, छाया रानी और अनिल कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।

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