अमरोहा, अप्रैल 6 -- अंजुमन यादगारे बका के संयोजन में गजल की महफिल का आयोजन किया गया। शायरों ने बेहतरीन कलाम सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। शहर के मोहल्ला सराय कोहना में शनिवार रात गुलरेज आरिफ के आवास पर सजी महफिल में जुबैर इब्ने सैफी ने कहा...मोहब्बतों का मिलेगा शऊर आंखों में, कभी तो झांक के देखें हुजूर आंखों में। लाडले रहबर ने पढ़ा..हिसारे कल्ब से हरगिज निकल नहीं पाया, बसाया हमने जिसे एक बार आंखों में। सलीम अमरोहवी यूं नमूदार हुए...क्या कभी आप ने ये गौर किया, आप हैं बेशुमार आंखों में। नवाजिश मुर्तजा इस अंदाज में बात की...देखा दर्दे मुफलिस बाप की वीरान आंखों में, छुपाकर रख लिए बच्चों ने सब अरमान आंखों में। डा.नासिर अमरोहवी ने कहा पैकरे जमाल उसका सर बसर है मयखाना, कुछ शराब होंठों पर कुछ शराब आंखों में। अशरफ फराज ने यूं पढ़ा...मुझे ये...
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