सिद्धार्थ, दिसम्बर 27 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के हल्लौर स्थित दरगाह हज़रत अब्बास में हजरत अली नकी अलै के पैदाइश मौके पर महफिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय व अन्य शहरों से आए शायरों ने अपने अंदाज में कलाम पेश किया। इस दौरान लोगों ने कलाम सुनकर शायरों का उत्साह वर्धन किया। गुरुवार रात हल्लौर यूथ कमेटी द्वारा आयोजित महफ़िल कार्यक्रम की शुरुआत अब्बास अली द्वारा कलाम पाक की तिलावत से हुआ। नात दिल में रची बसी है मोहब्बत रसूल की अम्बर मेहंदी ने पढ़ा। मौलाना शहकार हुसैन ने कहा कि हज़रत मुहम्मद तकी अस के बेटा हज़रत अली नकी अस का जन्म अरबी माह के पांच रजब को मक्का मदीना में पैदा हुए। उन्होंने अपना जीवन नेकी और धार्मिक अच्छाई को बताने मे लगा दिया था। महफ़िल में अता हैदराबादी ने पढ़ा फानूस बनकर जिसकी हिफाजत ख़ुदा करें....