हाजीपुर, दिसम्बर 17 -- महनार। सं.सू. जीवन के अंतिम पड़ाव पर 77 वर्ष की उम्र में जब इंसान को सुकून और सम्मान की ज़रूरत होती है, तब नगर परिषद महनार के वार्ड संख्या 21, देशराजपुर निवासी एजाजुल खां को यह साबित करना पड़ रहा है कि वह ज़िंदा हैं। कारण कोई बीमारी नहीं, बल्कि ई-लाभार्थी पोर्टल पर हुई एक गंभीर लापरवाही है। इस लापरवाही ने एक जीवित बुजुर्ग को काग़ज़ों में 'मृत' घोषित कर दिया। एजाजुल खां को अगस्त माह तक नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन मिलती रही। पेंशन ही उनकी रोजमर्रा की ज़िंदगी का एकमात्र सहारा है। दवा, भोजन और छोटे-मोटे खर्च इसी राशि से पूरे होते थे, लेकिन इसके बाद अचानक पेंशन आनी बंद हो गई। शुरू में उन्होंने इसे तकनीकी समस्या समझकर नज़रअंदाज़ किया, पर जब लगातार चार माह तक खाते में पैसा नहीं आया तो चिंता बढ़ने लगी। परेशान एजाजुल खां...