मैनपुरी, जून 6 -- किशनी। जटपुरा स्थित रामजानकी आश्रम के महंत सुरेंद्र दास का असमय मौत होने के बाद अंतिम संस्कार और मंदिर के मालिकाना हक का विवाद पैदा हो गया। महंत के समर्थकों ने मंदिर स्थल परिसर में अंतिम संस्कार की कोशिश की तो स्थानीय प्रशासन ने उसे रुकवा दिया। कहा कि मंदिर के ट्रस्टी हैं इसलिए यहां अंतिम संस्कार नहीं होगा। इससे नाराज लोगों ने मंदिर के बाहर धरना शुरू कर दिया। भू-माफिया के दवाब में कार्रवाई किए जाने का आरोप प्रशासन पर लगाया गया है। महंत सुरेंद्र दास ने वर्ष 1960 में रामजानकी मंदिर और आश्रम का नवनिर्माण करवाया था। इस आश्रम के नाम 18 बीघा जमीन भी है। औरेया के अछल्दा थाना क्षेत्र के निवासी रामअवतार उर्फ रघुनंदन दास भी इस आश्रम पर अपना मालिकाना हक बताते हैं। इसकी शिकायत मृतक महंत ने मरने से पहले प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार...
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