नई दिल्ली, फरवरी 13 -- खुदरा महंगाई की गणना के लिए नई शृंखला का आगाज गुरुवार को किया गया। इसके लिए आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 किया गया है। आधार वर्ष वह संदर्भ वर्ष होता है जिसे तुलना के लिए चुना जाता है। इसके माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि कीमतों में कितनी वृद्धि या कमी हुई है। * कितने बाजार और कस्बे शामिल किए गए? नई सीरीज में 1,465 ग्रामीण बाजार और 1,395 शहरी बाजार शामिल हैं, जो 434 कस्बों में फैले हुए हैं। इसके अलावा, 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 कस्बों में 12 ऑनलाइन बाजार भी शामिल किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी बाजारों से मूल्य डेटा मासिक आधार पर एकत्र किया गया, जबकि ऑनलाइन कीमतें साप्ताहिक आधार पर ली गई हैं। * इसमें ऑनलाइन बाजार क्यों शामिल किए गए ? 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 कस्बों में 12 ऑनलाइन बाजार शामिल किए गए हैं, ताकि ई-...
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