भभुआ, जनवरी 31 -- सड़क किनारे जूता-चप्पल की मरम्मत कर जीवनयापन करने में आ रहीं बाधाएं शहर की चौक-चौराहों पर ग्राहकों की सेवा में लगे मोचियों ने दर्द किया साझा (बोले भभुआ) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर के चौक-चौराहों और मुख्य सड़कों के किनारे फुटपाथ पर बैठकर जूता, चप्पल और सैंडल की मरम्मत करने वाले मोची कठिन दौर से गुजर रहे हैं। कभी शहर की जरूरत माने जाने वाले यह कारीगर अब बदलते समय, बढ़ती महंगाई और अनदेखी के कारण अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दिनभर धूप, बारिश और ठंड में बैठकर काम करने के बावजूद इनकी आमदनी बेहद सीमित रह जाती है, जिससे परिवार की परवरिश करना मुश्किल होता जा रहा है। मोची वर्ग से मिलकर उनकी समस्याओं को जानने पहुंचे इस संवाददाता को मोची रविंद्र राम ने बताया कि पहले लोग जूते-चप्पल फेंकने के बजाय मरम्मत करवा लिया करते थे...
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