नई दिल्ली, जून 26 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाई कोर्ट ने बुधवार को मंगोलपुरी इलाके में मस्जिद गिराए जाने पर अवमानना याचिका पर नगर निगम से जवाब मांगा है। आरोप है कि मस्जिद कमेटी को सीमांकन रिपोर्ट दिए बिना आधी रात को तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। इस बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कोर्ट में कहा कि वह अगली सुनवाई तक कोई और कार्रवाई नहीं करेगा। यह अवमानना याचिका मंगोलपुरी मुहम्मदी जामा मस्जिद व मदरसा अनवर उल उलूम से संबंधित है। न्यायमूर्ति रेणु भटनागर की पीठ ने एमसीडी से जवाब मांगा है। पीठ ने अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की है। मस्जिद वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से अधिवक्ता रेणु पेश हुईं। उन्होंने दलील दी कि एमसीडी ने कथित तौर पर अतिक्रमण किए गए इलाके का सीमांकन किए बिना आधी रात को तोड़फोड़ शुरू कर दी। यह भी कहा गया कि मस्जिद को 400 वर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.