लोहरदगा, फरवरी 9 -- लोहरदगा, प्रतिनिधि।लोहरदगा किस्को प्रखंड के सूदूर सरकारी मिडिल स्कूल मसूरियाखाड़ के जर्जर क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर बच्चों की जान दांव पर है। बच्चे टूटती सीलिंग और दरकती दीवार के साए में डरे सहमे बैठकर पढ़ाई करते नजर आते हैं। स्कूल की बिल्डिंग कहीं क्लास के समय ही ढह न जाए इस डर के साये में ही अपना भविष्य संवारने की जद्दोजहद में लगे हैं। इस स्कूल में 42 बच्चे नामांकित हैं। जिन्हें खौफ के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है। साल 2007-08 में स्कूल के तीन कमरे बने थे। जो लगभग खंडहर हो गए हैं। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्र आशा केरकेट्टा, पांचवीं की छात्रा निराली और अनीता कहती हैं कहती हैं कि सीलिंग कब टूटकर सिर पर गिर जाएगी सोचकर डर लगता रहता है। शिक्षक सामने खड़े होकर पढ़ाते हैं, और हमारा ध्यान छत की ओर जब-न तब चला जाता है...
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