रामगढ़, मार्च 11 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि। होली में मांसाहारी एवं शाकाहारी खानों पर सबसे ज्यादा जोर रहता है। इसी का फायदा मसाले के धंधेबाज उठाते हैं। मिलावट के साथ घटिया मसाले खपाने का इसे वह उचित समय समझते हैं। इसलिए मसालों में मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने का प्रयास करते है। मिलावट मशाला मनुष्य के शरीर में कुप्रभाव डालता है। इससे ना-ना प्रकार के रोग हो जाते है। खुला मशाला में मिलावट की गुंजाइस अधिक होती है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नमक, मिर्च, हल्दी-धनिया ही नहीं जीरा-सौंफ और राई तक में मिलावट किए जाने का समाचार मिलता रहता है। नकली मसालों की मंडी झारखण्ड के कई जिले बन चुके है। यहां हर दिन सैकड़ों क्विंटल मिलावटी मसाले तैयार होते हैं और फिर इन्हें बिक्री के लिए आसपास भेज दिया जाता है। आम उपभोक्ता क्या मालूम कि मशाला में व्यापक पैमाने प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.