कटिहार, नवम्बर 18 -- समेली,एक संवाददाता मानसून बदलने के साथ शरद ऋतु प्रवेश करते ही समेली प्रखंड क्षेत्र के पशुपालकों का परेशानी बढ़ गई है। खासकर निचले इलाके के पशुपालकों के लिए तो मवेशियों का चारा जुटा पाना मुश्किल सा हो गया है। एक ओर जहां खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसान जद्दोजहद में लगे हैं। वहीं दूसरी ओर एक साथ कृषि योग्य भूभाग में खेतों को जोतकर बुआई प्रारंभ करने से खेतों में लगे घास फूस समाप्त हो गया है। जिससे पशुओं के चारे की कमी हो गई है। चारे के अभाव में पशुपालक पशुओं का पेट नहीं भर पा रहे हैं। इससे दूध के उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। जो कि पशुपालकों के समक्ष मुसीबत खड़ा कर दिया है। समुचित मात्रा में चारा नहीं मिलने से पशुओं की सेहत में गिरावट आ रही है। जबकि दुधारू पशुओं को समुचित मात्रा में हरा चारा नहीं मिलने से दूध के ...
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