लखीसराय, मार्च 20 -- चानन, निज संवाददाता। सरकार की तमाम योजनाओं और अधिकारियों के प्रयास के बावजूद मलीन बस्तियों में रहने वाले लोगों को उसका हक व अधिकार नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि सब कुछ रहने के बाद भी वह भूख, गरीबी व बीमारी की चादर ओढ़े जिंदगी काटने को विवश होते है। भलूई पंचायत के महादलित टोला बसुआचक मुसहरी में रहने वाले महादलित परिवार के लोगों का हाल भी कुछ इसी तरह का है। यहां सच्चाई की जांच पड़ताल की जाए तो सुशासन का सच सामने आ जायेगा। यहां रहने वाले लोगों की दाा देखने से इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यहां रह रही आबादी मूल रूप से बीमारी ओर गरीबी की चादर ओढ़े लाचारी की जिंदगी जी रहे है। साक्षर और जागरूकता की कमी के बीच गरीबी एवं बीमारी से उसे कौन निजात दिलायेगा? यह एक अहम सवाल है। स्वास्थ्य सेवाओं के कमी के कारण गांव के एमआ...
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