रंजीत, मार्च 11 -- बिहार में हत्या के आरोप में एक दारोगा ने डीएसपी रैंक तक का सफर तय कर दिया। उस पर मर्डर का केस चल रहा था, बावजूद इसके वह प्रमोशन का लाभ लेता रहा। पिछले साल अदालत ने युवक की हत्या को एनकाउंटर बताने के मामले में आरोपी दारोगा दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा भी सुनाई। सीबीआई की विशेष अदालत ने जब डीएसपी रैंक में प्रमोट हुए पुलिस अफसर को सजा दी, तो पुलिस के आला अफसरों की आंखें खुली की खुली रह गईं। यह मामला 26 साल पहले का है। पूर्णिया जिले के बिकौठी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष मुखलाल पासवान को बीते अक्टूबर में अदालत ने फर्जी एनकाउंटर केस में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस समय वह दरभंगा में स्पेशल ब्रांच के डीएसपी के रूप में तैनात था। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमा अब उन चेहरों की तलाश में जुटा है, जिन्होंने मुखलाल के खिला...
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