लखनऊ, दिसम्बर 10 -- मर्ज लाइलाज हो गया है। डॉक्टर जवाब दे चुके हैं। इस सूरत में अस्पताल पर बोझ डालने के बजाए पैलिएटिव केयर से मरीज को बेहतर जिंदगी दी जा सकती है। ऐसे मरीज संगीत का सहारा लें। इससे उनकी जिंदगी बेहतर हो सकती है। यह जानकारी कर्नाटक के साहे यूनिवर्सिटी तुमकुर के कुलपति डॉ. केबी लिंगेगोड़ा ने दी। वह मंगलवार को एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी में कैंसर ऐड सोसाइटी की तरफ से आयोजित दो दिवसीय कान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस ऑफ नेशनल एसोसिएशन ऑफ पैलिएटिव केअर फॉर आयुष एंड मेडिसिन में देश विदेश के विशेषज्ञों ने शिरकत की। डॉ. केबी लिंगेगोड़ा ने कहा कि कैंसर में एक ऐसी अवस्था आती है जिसमें दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीज को बहुत पीड़ा होती है। ऐसे मरीजों को पॉलिएटिव केयर की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर...
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