जयपुर, फरवरी 1 -- थार का रेगिस्तान सिर्फ रेत का समंदर नहीं है, यह उस जंग की कहानी भी है जो यहाँ के लोग हर दिन पानी के लिए लड़ते हैं। राजस्थान का पश्चिमी हिस्सा- जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर आज भी पानी की स्थायी किल्लत से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में पीने का पानी अब भी टैंकरों के भरोसे है। 'मरुधर' सीरीज के पहले अंक में पढ़िए- थार में पानी की जंग की पूरी तस्वीर।पानी का गणित: बड़ा राज्य, बेहद कम संसाधन क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन पानी के मामले में उसकी स्थिति बेहद कमजोर है। राज्य के पास भारत का करीब 10.4 फीसदी भूभाग है, जबकि सतही जल संसाधन सिर्फ 1.16% ही मौजूद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर हालात नहीं बदले, तो 2050 तक प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता घटकर 450 क्यूबिक मीटर रह जाएगी, ...