बाराबंकी, नवम्बर 14 -- सआदतगंज। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता से जहां आयुर्वेदिक अस्पताल चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं मरीजों को मिलने वाली पर्याप्त सुविधाएं व संसाधनों का भी अभाव है। मरीजों का आयुर्वेदिक अस्पतालों से मोह भंग हो रहा है। ब्लाक रामनगर क्षेत्र के त्रिलोकपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। उक्त अस्पताल में डाक्टर गुलाब चंद्र व फर्मासिस्ट सुभाष व वार्ड ब्वाय आनंद की तैनाती है। डाक्टर के अनुपस्थित रहने पर फर्मासिस्ट इलाज करते हैं। इस अस्पताल का जहां भवन देखने में जर्जर लगता है, वहीं फर्श भी पूरी तरह टूटी है। स्वीपर न होने से अस्पताल सहित पूरे परिसर में गंदगी फैली है। आयुर्वेदिक दवाओ...
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