दरभंगा, दिसम्बर 7 -- गौड़ाबौराम। किरतपुर पीएससी में सुविधाओं का घोर अभाव है। यह बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। पीएचसी के कमरों में बायो वेस्ट कचरे का डंपिंग स्टेशन बना दिया गया है। पीएचसी को अपग्रेड कर उसे सीएचसी का दर्जा दे दिया गया है। इससे कर्मचारी भी अब पीएचसी में कहीं दिखाई नहीं देते। गत शुक्रवार को भी सड़क दुर्घटना में सीएचसी पहुंचे दो घायलों को भर्ती करने के बजाय उन्हें डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। सीएचसी में बेड के आभाव में बंध्याकरण के लिए आयी मरीजों को जमीन पर सोना पड़ता है। किरतपुर गांव के रंजीत, गोविंद व मनोज ने बताया कि ढंड शुरू होते ही किरतपुर सीएचसी में बंध्याकरण के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ती है, पर बेड के आभाव में मरीजों को जमीन पर सोना पड़ रहा है। अस्पताल का जेनरेटर हमेशा बंद रहता है। इससे बिजली गुल होने पर मरीजों को अंधेरे ...