नई दिल्ली, जनवरी 16 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने सर्दी में सड़कों पर सोने को मजबूर तीमारदारों के लिए लगभग 80 रात्रि आश्रय स्थल बनाने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को जमीन मुहैया कराई है। एम्स ने मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ को यह भी बताया कि वह मरीजों के तीमारदारों के लिए तीन हजार बिस्तरों वाला एक विश्राम गृह भी बनवाएगा। एम्स की तरफ से पेश वकील सत्य रंजन स्वैन ने संस्थान के मरीज-केंन्द्रीत मानवीय दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि तीमारदारों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एम्स यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ठंड के मौसम में को...
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