संवाददाता, अगस्त 27 -- गणेश महोत्सव का आयोजन महाराष्ट्र और मुंबई से निकलकर उत्तर प्रदेश कई शहरों में भी बड़े पर्व का रूप ले चुका है। प्रयागराज में तो गणपति बप्पा की पूजा 50 साल पहले शुरू हो गई थी। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बुधवार को गणेश चतुर्थी पर गजानन की मूर्तियां पंडालों में विराजमान की जाएगी। प्रयागराज में गणेश महोत्सव की नींव स्थानीय नागरिकों ने नहीं, बल्कि महाराष्ट्र से 50 वर्ष पहले आए 250 मराठी परिवारों ने डाली थी। तब इलाहाबाद रहे इस शहर में गणपति के महोत्सव की शुरुआत का श्रेय महाराष्ट्र लोक सेवक मंडल और लोकमान्य तिलक सेवा ट्रस्ट को जाता है। ट्रस्ट के 60 वर्षीय ट्रस्टी विवेक पौराणिक बताते हैं कि दारागंज के नगाड़ खाना में मराठी परिवार आकर बसे थे। अब इनकी संख्या घटकर 50 के करीब ही रह गई है। इसमें भी 60 फीसदी लोग दारागंज और बाकी अन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.