हरदोई, फरवरी 8 -- सांडी, संवाददाता। कस्बा स्थित पुरानी पीएचसी को अरबन पीएचसी का दर्जा मिलने और उस पर करीब पांच लाख रुपये खर्च कर मरम्मत कराने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती न होने से भवन अब आवारा पशुओं की शरणस्थली और अराजक तत्वों का निशाना बनता जा रहा है। नगरपालिका परिषद ने पीएचसी भवन की मरम्मत व रंगरोगन कर नए साल से संचालन की तैयारी कर ली थी, लेकिन डॉक्टर की तैनाती न होने से यह मंशा अधूरी रह गई। बिना देखरेख के भवन में पशुओं का डेरा लग गया है, जिससे दोबारा जर्जर होने का खतरा बढ़ गया है। करीब छह वर्ष पहले आदमपुर में सीएचसी बनने के बाद कस्बे की पीएचसी से डॉक्टर व स्टाफ वहां स्थानांतरित कर दिए गए थे। इससे कस्बे की स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं और मरीजों को निजी अस्पताल या हरदोई जाना पड़ने लगा। चेयरमैन रा...