बक्सर, फरवरी 4 -- प्रवचन भक्ति भावना मिथिला वासियों से सीखनी चाहिए: संत महाराज के श्रीविग्रह का शोडीशोपचार स्नान श्रृंगार पूजन फोटो संख्या- 19, कैप्सन- बुधवार को राम जानकी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते राजाराम बाबा व अन्य। बक्सर, हमारे संवाददाता। मन ही मोक्ष और बंधन का साधन है। जब मन का अहम ही मैल है। अंहकार ही बंधन है। लेकिन जिस दिन मन में यह भाव आ जाता है कि सबकुछ ठाकुरजी है। उन्हीं के श्रीचरणों से इस जीवन का उद्धार होगा। उसी दिन सभी दुखों का अंत हो जाता है। उक्त बातें श्रीराम जानकी आश्रम में कथा वाचन के दौरान रत्नेश महाराज दासजी ने कहीं। जो शांत हो, निष्काम हो, करूण हदय का हो। वहीं ईश्वर का भक्त है। ऐसे व्यक्ति की रक्षा ईश्वर करते है। भगवान के चरणों के चार चिन्ह होते है। उनका ध्यान करना चाहिए। कथा वाचन के दौरान उन्होंने कहा क...