भागलपुर, सितम्बर 11 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। देश में आत्महत्या बड़ी समस्या के रूप में उभरी है। इसमें युवा के अलावा अन्य वर्गों के लोग शामिल हैं। यह परिस्थिति एक दिन में नहीं आती है। आत्महत्या के पारिवारिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक, मानसिक स्वास्थ्य, नशा सहित कई कारण हैं। बच्चों को इससे रोकने के लिए उनकी मनोवृत्ति पहचान कर सकारात्मक संवाद स्थापित करने की जरूरत है। उनकी भावनाओं के अनुरूप बातें सुनने की जरूरत है। बच्चों को दबाव ना देकर कॅरियर चुनने की आजादी देनी चाहिए, अपनी इच्छा बच्चों पर थोपने से बचना चाहिए। यह बातें बुधवार को टीएमबीयू के कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा ने कही। कुलपति ने पीजी मनोविज्ञान द्वारा आयोजित वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को ऑनलाइन माध्यम से अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे...
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