रामगढ़, दिसम्बर 2 -- रामगढ़, हमारे प्रतिनिधि। दिव्यांगजन अपनी बुनियादी जरूरतों और अधिकारों के लिए सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहते हैं। लेकिन प्रमाण पत्र से लेकर पेंशन तक की प्रक्रिया उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जिले में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए हर माह केवल दो बार 15 और 30 तारीख को सदर अस्पताल में कैंप लगाया जाता है। जिसमे करीब 60 से 70 दिव्यांगता प्रमाण पत्र हर माह बन पाते हैं। सीमित समय और भारी भीड़ के कारण सैकड़ों दिव्यांगजन समय पर प्रमाण पत्र नहीं बनवा पाते। कई बार दूरदराज़ क्षेत्रों से आए लोग लंबी दूरी तय करने के बाद भी निराश लौट जाते हैं। क्योंकि यहां मनोरोग चिकित्सक और न्यूरोलॉजिस्ट के चिकित्सक के साथ-साथ कान की जांच करने के लिए उपकरण नहीं है। जिस कारण अधिकतर दिव्यांगों को रांची के रिन पास और रिम्स में जांच कराने के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.