लखनऊ, दिसम्बर 16 -- लखनऊ, संवाददाता। लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित भारतीय ज्ञान परंपरा का पाठ्यक्रम में एकीकरण विषयक छह दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के दूसरे दिन दो सत्रों का आयोजन हुआ। पहले सत्र में डॉ. वर्षा रानी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में नैतिकता और सदाचार विषय पर बात की। बताया कि चाणक्य के नीतिशास्त्र और मनुस्मृति जैसे ग्रंथ व्यक्ति और शासक दोनों के नैतिक कर्तव्यों को स्पष्ट करते हैं। इन शिक्षाओं में नैतिक आदर्शों और जीवन की व्यावहारिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन पर बल दिया गया है। नैतिक उत्तरदायित्व, सामाजिक समरसता और कर्तव्य यानी धर्म इनके केंद्रीय विषय हैं।

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