बदायूं, दिसम्बर 8 -- बिल्सी। क्षेत्र के गांव गुधनी के प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। आचार्य संजीव रूप ने कहा कि युगों-युगों के शुभ कर्मों का जब तक मेल नहीं होता, तब तक मानव शरीर पाना संभव नहीं। यह कोई बच्चों का खेल नहीं है। मनुष्य का असंतुष्ट रहकर आगे बढ़ने की भावना ही समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। मनुष्य को हर पल कर्मशील रहना चाहिए। इस मौके पर कमलेश कुमारी, संतोष कुमारी, गुड्डो रानी, सरोज देवी, सूरजवती देवी आदि मौजूद रहे।
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