बक्सर, फरवरी 20 -- जयकारा श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन द्रौपदी, उत्तरा व परीक्षित प्रसंग परीक्षित का श्राप प्रसंग जीवन के गूढ़ सत्य को उजागर करता है फोटो संख्या 23 कैप्शन - शुक्रवार को गोसाईपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मंच पर उपस्थित आचार्य रणधीर ओझा। बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। श्रीमद्भागवत महापुराण सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मनुष्य के आत्मोद्धार का मार्ग है। भागवत कथा में वर्णित प्रत्येक प्रसंग मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य तीनों का संगम है यह ग्रंथ। ये बातें मशहूर कथा वाचक आचार्य रणधीर ओझा ने कही। वे सदर प्रखंड के गोसाईंपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को द्रौपदी और उत्तरा की रक्षा तथा परीक्षित से संबंधित प्रसंग पर प्रवचन कर रहे थे। कथा को विस्तार देते हुए आचार्य ओझा ने कह...