बिजनौर, फरवरी 22 -- गायत्री शक्ति पीठ पर यज्ञ में आहुतियां देकर कर्म की प्रधानता पर बल दिया गया। कामायिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने यज्ञ कराया। साहू केदार नाथ और नर्मदा साहू यजमान रहे। कामायिनी शर्मा ने कहा कि मनुष्य कर्म प्रधान है। कर्म के बिना उसकी गति नहीं है। अच्छे काम मनुष्य को सुंदर और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाते हैं और गलत काम असंवैधानिक कार्य करने पर मनुष्य को कानून के अनुसार परिणाम भुगतने पड़ते हैं। परमात्मा भी सद् कर्म करने वालों का ही साथ देता है। गलत काम करने वालों को उसकी कृपा नहीं मिलती। बल्कि उसके क्रोध का सामना करना पड़ता है। यज्ञ के उपरांत गायत्री परिवार के सदस्य इंद्रदेव शर्मा और कामायिनी शर्मा की वैवाहिक वर्षगाँठ पर विशेष आहुतियां देकर उनके सुदीर्घ सुखी जीवन की कामना करते हुए दोनों पर पुष्प वर्षा की गई। बिजेन्द्र राठी ...
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