हमीरपुर, दिसम्बर 9 -- भरुआ सुमेरपुर। श्री गायत्री तपोभूमि प्रांगण में चल रही राम कथा के चौथे दिन कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य की ग्रह दशा तभी खराब होती है जब उसकी दिशा बदल जाती है। उन्होंने कालनेमि और राजा भानु प्रताप की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि दिशा गलत होने के कारण राजा को श्राप का भागी बनना पड़ा था। दशपंच नाम जूना अखाड़ा छत्तीसगढ़ के महामंडलेश्वर कथा व्यास आत्मानंद गिरि जी महाराज ने चौथे दिन राम कथा का सुंदर वृतांत सुनाते हुए कहा कि दिशा बदल देने से मनुष्य की ग्रह दशा में स्वत: सुधार हो जाता है। उन्होंने कहा कि राजा भानु प्रताप की दिशा गलत होने के कारण उन्हें श्राप का भागीदार बनना पड़ा था। उन्होंने कहा कि महात्मा तीन प्रकार के होते हैं। जिसमें असली, नकली और फसली हैं।यह कटु सत्य है। इसलिए जो कुछ बनना है वह हमेशा असली ही बने। नकली फसली बन...
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